Wednesday, June 12, 2024
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Desi Jugaad: गांव कस्बे के किसान रमेश बारिया ने ग्लूकोज की खाली बोतलों से किया ड्रिप सिस्टम का रामबाण जुगाड़, देखे वायरल जुगाड़

Desi Jugaad: गांव कस्बे के किसान रमेश बारिया ने ग्लूकोज की खाली बोतलों से किया ड्रिप सिस्टम का रामबाण जुगाड़, देखे वायरल जुगाड़ सोशल मीडिया पर आये दिन कई जुगाड़ के वीडियो वायरल होते नजर आते है जिसमे से अधिकतर जुगाड़ खेती किसानी के होते है ऐसा ही जुगाड़ सामने आया है जिसमे फसल की सिंचाई करने के लिए बन्दे ने लगाया रामबाण जुगाड़, देखे वायरल जुगाड़

Desi Jugaad: गांव कस्बे के किसान रमेश बारिया ने ग्लूकोज की खाली बोतलों से किया ड्रिप सिस्टम का रामबाण जुगाड़, देखे वायरल जुगाड़

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जैसा को आप जानते है की हमारा देश भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां विभिन्न तकनीकों का उपयोग करके कई प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। जब बात किसानों की हो और हम जुगाड़ की बात न करें तो ऐसा नहीं हो सकता दरअसल भारतीय किसान किसी भी काम को आसान और कम खर्चीला बनाने के लिए जुगाड़ तकनीक का इस्तेमाल करता है, ताकि उसका काम कम मेहनत और कम खर्च में हो जाए।

किसान भाई ने फसल में पानी की समस्या का निकाला जुगाड़

खेती करना कोई आसान काम नहीं है खेती किसानी करना काफी मेहनत का काम होता है दरअसल गर्मियां आते ही उपजाऊ जमीन धीरे-धीरे सूखे की चपेट में आने लगती है, तब फसल को औसत से ज्यादा पानी की जरूरत होती है, जो गर्मी में कई बार संभव नहीं हो पाता, ऐसे में एक किसान भाई मजबूत जुगाड़ कर दी गई, जी हां, मध्य प्रदेश के एक किसान ने इस समस्या से निपटने का एक शानदार तरीका निकाला है उन्होंने ग्लूकोज की खाली बोतलों से ड्रिप सिस्टम बनाया।

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रमेश बारिया ने ग्लूकोज की खाली बोतलों से किया ड्रिप सिस्टम का अविष्कार

गांव कस्बे के किसान रमेश बारिया ने ग्लूकोज की खाली बोतलों से किया ड्रिप सिस्टम का अविष्कार मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले झाबुआ का है. दरअसल यह पहाड़ी इलाका है। वहां रहने वाले एक किसान रमेश बारिया ने इस समस्या का हल निकाला।

जाने कैसे किया ये ड्रिप सिस्टम का जुगाड़

हम आपको इस जुगाड़ के बारे में बताये तो किसान ने इस जुगाड़ का अविष्कार करने के लिए पहले उसने 20 रुपये प्रति किलो के हिसाब से ग्लूकोज की बोतलें खरीदीं, फिर इनलेट बनाने के लिए ऊपर के आधे हिस्से को काट लें इसके बाद इन्हें फिर से पौधों के पास लटका दिया गया इन्हीं बोतलों के माध्यम से पानी का बहाव बूंद-बूंद कर पौधों तक आता है जिससे पौधों को पानी की कोई कमी नहीं होता है।

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