Thursday, July 18, 2024
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अब हींग की खेती से भी महकेगा भारत कैसे तैयार किया जाता है इसको, जाने इसकी खेती से जुड़ी जानकारियों के बारे में

आप भी हींग की खेरी के बारे में जानते ही होंगे , खाने में इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इसमें ना सिर्फ तेज खुश्‍बू होती है, बल्कि जारी सी हींग खाने का स्वाद ही बदल देती है। ये भारत ही नहीं, बांग्‍लादेश, पाकिस्‍तान, सऊदी अरब, अफगानिस्‍तान समेत कई देशों की रसोई में इस्‍तेमाल होने वाला मसाला है। यह खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ – साथ सेहत के लिए भी बहुत ज्यादा फायदेमंद होती है।

भारत में हींग का उत्‍पादन तो क्‍या, इसका पौधा लगाने के लिए बीज भी नहीं मिलता है। इसलिए भारत में इस्‍तेमाल होने वाली शत-प्रतिशत हींग का आयात किया जाता है। जबकि, दुनिया में हींग की कुल खपत का 50 फीसदी हिस्‍सा भारतीय रसोइयों में इस्तेमाल होता था। बता दें कि हम हर साल 940 करोड़ रुपये मूल्‍य की 1500 टन हींग आयात करते थे। इसका 90 फीसदी हिस्‍सा अफगानिस्‍तान, 8 फीसदी उज्‍बेकिस्‍तान और 2 फीसदी ईरान से आयात किया जाता था।

कैसे करते है हींग का उत्पादन

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हींग फेरुला एसाफोइटीडा नाम के पौधे की जड़ से निकाले गए रस से तैयार किया जाता है। हींग का उत्पादन करना आसान नहीं है। सबसे पहले फेरुला एसाफोइटीडा की जड़ों से रस निकाला दिया जाता है। इसके बाद पर्याप्‍त मात्रा में रस इकट्ठा होने पर हींग बनाने की विधि को शुरु किया जाता है। हींग काबुली सफेद और हींग लाल दो तरह की होती है। इसमें सफ़ेद हींग आसान तरीके से पानी में घुल जाता है। वहीं, लाल या काली हींग तेल में घुलती है. और कच्ची हींग खाने के लायक नहीं होती है। तथा इसके छोटे – छोटे टुकड़ो को गोद में मिलकर तैयार किया जाता है।

कैसे होती है हींग की खेती

हींग की खेती करने के लिए रस उपलब्‍ध कराने वाले पौधे को पनपने और फलने-फूलने के लिए बेहद ठंडा वातावरण की जरुरत होती है। ये ज्‍यादा से ज्‍यादा 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान को ही सह सकते है। हींग के पौधे को तैयार होने में 4 से 5 साल का लंबा समय लगता है। वहीं, पूरी तरह तैयार होने के बाद इसकी जड़ों से करीब-करीब 500 ग्राम हींग निकाला दिया जाता है। बाजार में बिक्री के आने वाली तैयार हींग की कीमत 35 से 40 हजार रुपये प्रति किग्रा तक होती है। इसकी खेती करने के लिए कम नमी और ठंडे इलाकों की जरुरत पड़ती है। इस तरह से इसकी खेती की जाती है।

इतनी महगी होती है हींग

हींग की खेती गाजर और मूली की खेती में आती है। ठंडे और शुष्क वातावरण में इसकी खेती अच्छी तरह से की जाती है। दुनियाभर में हींग की 130 किस्में पाई जाती हैं. इनमें से कुछ किस्में पंजाब, कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में पहले से उगाई जाती है। फेरुला एसाफोइटीडा किस्‍म भारत में नहीं पाई जाती है. भारतीय रसोइयों में इसी किस्‍म की हींग का उपयोग किया जाता है। इसीलिए इसका आयत किया जाता है। और हींग इतना ज्यादा महगा क्यों होता है। इसका पौधा तैयार होने में ही चार से पांच साल का समय लगता है। फिर एक पौधे की जड़ से महज 500 ग्राम तक ही रस निकल सकता है. और सभी पौधों से रास भी नहीं निकालता है। इसलिए भारत में हींग की कीमत 40 रुपये प्रति किग्रा तक है.

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हींग को तैयार करने में चीजों का इस्तेमाल

हींग की कीमत इस बात पर निर्भर करती है। की इसे तैयार कैसे किया जाता है। व्‍यापारियों के मुताबिक, हींग की कीमत उत्‍पादन के समय रस में मिलाई गई सामग्री पर भी निर्भर होती है। हींग को तैयार करने के लिए उसके रस में चावल पाउडर, हींग पाउडर समेत कई चीजें का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, हींग पाउडर की कीमत हींग क्रिस्‍टल से काफी कम होती है। दक्षिण भारत में हींग को पकाकर पाउडर बनाया जाता है। फिर इसका मसाला उपयोग में लाया जाता है।

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